- महाकाल मंदिर पहुंचे अनुपम खेर, शुभांगी दत्त और सिंगर अमित भल्ला: अलग-अलग आरतियों में हुए शामिल, नंदी हॉल में किया पूजन; मांगी मनोकामना
- सिंहस्थ 2028 से पहले कार्रवाई तेज: उज्जैन में 4 अवैध निर्माण ढहाए, 3 को मिला 2 दिन का समय
- महाकाल में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में दिए दर्शन, गूंजा जयकारा
- उज्जैन में फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल देखने पहुंचे CM मोहन यादव: विजेता को ₹1 लाख, उपविजेता को ₹51 हजार अतिरिक्त इनाम
- सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को नई सौगात: CM मोहन यादव ने 18 करोड़ की सड़क का किया लोकार्पण, कहा - सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर हो रहा विकास
25 वर्षों से था करोड़ों की सरकारी भूमि पर कब्जा कारखानों पर चली जेसीबी
उज्जैन:नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि जूना सोमवारिया इनर रिंग रोड़ स्थित आशु माता मंदिर के पास नगर निगम की 3.5 एकड़ जमीन है। इस जमीन पर युसूफ मोहम्म्द पिता गुल मोहम्मद व अन्य ने वर्ष 1995 से कब्जा कर रखा था। लोगों ने यहां पतरे के शेड बनाकर पलंगपेटी, अलमारी बनाने के कारखाने, कोटा स्टोन कारखाना आदि डाल लिये थे। जमीन से अतिक्रमण हटाने का नगर निगम ने नोटिस दिया तो मामला कोर्ट में पहुंच गया। तभी से कोर्ट में जमीन को लेकर सुनवाई चल रही थी और फैसला नगर निगम के पक्ष में आने के बाद जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
स्वयं हटाने लगे सामान
नगर निगम अधिकारी दो जेसीबी, डम्पर और भारी पुलिस फोर्स के साथ यहां अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होने से पहले कब्जा करने वालों ने अधिकारियों से बहस की और जमीन से संबंधित कागजात भी दिखाये, लेकिन अधिकारियों ने जेसीबी कारखानों के सामने खड़ी करवाई और तोडफ़ोड़ के आदेश दिये। जैसे ही जेसीबी चलने लगी तो विरोध कर रहे लोगों ने अधिकारियों से कहा कि हम अपना सामान स्वयं हटा लेते हैं। इसके बाद कारखाने में रखी पलंगपेटी, गोदरेज की अलमारी आदि हटा लिये गये।
स्मार्ट सिटी योजना में बन रही टंकी
नगर निगम द्वारा स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत आशु माता मंदिर के पास उच्च स्तरीय पानी की टंकी का निर्माण शुरू कराया गया है। इस टंकी की क्षमता 2270 किलोलीटर है, ऊंचाई 20-22 मीटर और लागत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस टंकी का निर्माण कार्य 7 मार्च 19 से शुरू हो चुका है और इस कार्य को पूर्ण करने की समय सीमा 30 सितम्बर 2020 निर्धारित है। कुल 18 माह में इस टंकी का निर्माण पूर्ण होना था। हालांकि वर्तमान में ठेकेदार द्वारा 10 प्रतिशत कार्य भी नहीं किया गया है, जबकि इसी निर्माणाधीन टंकी के पास उक्त अतिक्रमण था जिस कारण काम में परेशानी आ रही थी। नगर निगम अधिकारियों ने संभवत: इसी के चलते अतिक्रमण तोडऩे की कार्रवाई की।

